🛑 ये नगर परिषद तुम्हारे बाप की नहीं है, साहेब!जनता के टैक्स से चलती है – किसी नेता की जागीर नहीं

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📍 नांदुरा | गैबी नगर - खाजा नगर
नगर परिषद का अफसर अगर यह समझता है कि वह किसी नेता के इशारे पर काम करेगा, तो ये उसकी सबसे बड़ी भूल है!
ये तंत्र किसी की निजी मिल्कियत नहीं, लोकशाही का हिस्सा है – जहां जनता मालिक है, नेता नहीं!
गैबी नगर, खाजा नगर और इनायतिया स्कूल के पास की गलियां कीचड़ से भरी पड़ी हैं।
लेकिन नगर परिषद को फर्क नहीं पड़ता!
मुख्याधिकारी साहेब, आपने क्या इन इलाकों को नक्शे से ही हटा दिया है?
या फिर मुस्लिम बस्ती होने की वजह से आप जानबूझकर अनदेखी कर रहे हो?
👉 सिमेंट रोड पर मुरूम डालने का ड्रामा करोगे और जिन जगहों पर वास्तव में ज़रूरत है, वहां पर नज़रअंदाज़ करोगे – तो जनता सबक सिखाना जानती है!

ये लोकतंत्र है, तुम्हारी हुकूमशाही नहीं!
अगर तुम नेता की सुनकर जनता को दबाने की सोच रहे हो, तो कान खोलकर सुन लो –
अब गैबी नगर और खाजा नगर में मुरूम डालना ही पड़ेगा!
वरना जनता वही मुरूम उठाकर नगरपरिषद के गेट पर फेंक देगी!

> 📢 "काम करो कानून से, नहीं तो जनता का आक्रोश सबकुछ बहाकर ले जाएगा!"
📢 "मुस्लिम बस्तियों को नजरअंदाज करोगे तो हर गली से आवाज़ उठेगी – जवाब दो!"

✍️ – युवा जिल्हाध्यक्ष आझाद पठाण
समाजवादी पार्टी, नांदुरा

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