नई दिल्ली – कोविड महामारी के दौरान देश के कई बड़े टीवी चैनलों ने मुसलमानों और तब्लीग़ी जमात को निशाना बनाकर नफ़रत का ज़हर फैलाया। “कोरोना जिहाद” जैसे कार्यक्रम प्राइम टाइम में चलाकर पूरे देश में जमात को गुनहगार ठहराया गया।
लेकिन अब दिल्ली पुलिस की जाँच में सच्चाई सामने आ चुकी है। मौलाना शाद साहब और मरक़ज़ निज़ामुद्दीन को पूरी तरह क्लीन चिट दे दी गई है। मीडिया द्वारा लगाए गए एक भी आरोप साबित नहीं हुए।
समाजवादी पार्टी के युवा नेता आझाद पठाण ने कहा –
👉 “जिन चैनलों ने झूठ फैलाकर मुसलमानों को बदनाम किया, उन्हें सरकार निर्देशित करे कि वो बाकायदा माफ़ीनामा प्रसारित करें और देश के मुसलमानों व तब्लीग़ी जमात से माफ़ी माँगें।”
🚨 उन्होंने साफ़ कहा कि –
👉 “समाजवादी पार्टी आने वाले संसद सत्र में इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाएगी। नफ़रत फैलाने वाले चैनलों की पोल देश की जनता के सामने खोली जाएगी।”
⚡ तेज़ हेडलाइन
कोरोना जिहाद का झूठ पूरी तरह बेनक़ाब
मौलाना शाद और जमात को मिली क्लीन चिट
मीडिया चैनल देश से माँगें माफ़ी
समाजवादी पार्टी संसद में करेगी सख़्त सवाल
Tags
दिल्ली