मुस्लिम विरोधी कानूनों पर भाजपा की चुप्पी – युती के घटक दल भी जिम्मेदार! युवा जिल्हाध्यक्ष आझाद पठाण,,,



मुंबई, दिनांक: 18 जून 2025

महाराष्ट्र में भाजपा के नेतृत्व में चल रही युती सरकार आज मुस्लिम समाज की समस्याओं पर पूरी तरह से मौन नजर आ रही है। भारतीय जनता पार्टी द्वारा लाए गए नागरिकता संशोधन कानून (CAA), एनआरसी, हिजाब पर रोक जैसे कई विवादित मुद्दों पर जब देशभर में विरोध हुआ, तब भाजपा के सहयोगी दल – शिवसेना (शिंदे गट) और राष्ट्रवादी काँग्रेस (अजित पवार गट) – ने भी कोई स्पष्ट विरोध नहीं किया।

आज जब मुस्लिम समाज को शिक्षा, रोजगार, धार्मिक स्वतंत्रता और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर गंभीर चिंता है, तब सत्ता में शामिल ये घटक दल केवल सत्ता का सुख भोगने में व्यस्त हैं। जिस प्रकार से महाराष्ट्र में भाजपा नेतृत्व में सरकार चलाई जा रही है, वह अल्पसंख्यक समाज के साथ घोर अन्याय का प्रतीक है।

हम पूछना चाहते हैं:

क्या शिवसेना (शिंदे गट) और अजित पवार गुट भाजपा की मुस्लिम विरोधी नीतियों से सहमत हैं?

यदि नहीं, तो उन्होंने अब तक इन कानूनों का विरोध क्यों नहीं किया?

क्या सत्ता की भागीदारी के लिए मुस्लिम समाज के हक और अधिकारों को त्याग दिया गया है?


समाजवादी पार्टी यह स्पष्ट करती है कि वह ऐसे किसी भी गठबंधन का समर्थन नहीं करती जो संविधान की धर्मनिरपेक्ष आत्मा को ठेस पहुँचाता हो। हम सभी धर्मों, जातियों और वर्गों के लिए समान अधिकार की मांग करते हैं।

– आझाद पठाण
युवा जिल्हाध्यक्ष, समाजवादी पार्टी महाराष्ट्र

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