महिलाओं के अधिकारों पर हमला बर्दाश्त नहीं!नांदुरा नगर परिषद सदस्य अनिल कैलास जांगळे की प्रशासन को दो टूक चेतावनी


नांदुरा | प्रतिनिधि
एक ओर महाराष्ट्र सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर नांदुरा शहर की महिलाएं सरकारी योजनाओं का लाभ पाने के लिए नगर परिषद कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। इस गंभीर और चिंताजनक स्थिति को लेकर नांदुरा नगर परिषद सदस्य अनिल कैलास जांगळे ने बुलढाणा के जिलाधिकारी को आक्रामक ज्ञापन सौंपते हुए प्रशासन की उदासीन और लापरवाह कार्यप्रणाली पर करारा प्रहार किया है।
ज्ञापन में जांगळे ने स्पष्ट आरोप लगाया है कि महिलाओं के लिए करोड़ों रुपये की योजनाएं घोषित की जाती हैं, लेकिन उचित जानकारी के अभाव, अलग व्यवस्था के न होने और जिम्मेदार अधिकारियों की अनुपस्थिति के कारण ये योजनाएं केवल कागज़ों तक ही सीमित रह गई हैं। प्रशासन की निष्क्रियता के चलते महिलाओं का कीमती समय, पैसा और आत्मसम्मान खतरे में पड़ रहा है।
अनिल कैलास जांगळे ने मांग की है कि नांदुरा नगर परिषद कार्यालय में महिलाओं के लिए एक स्वतंत्र कक्ष की तत्काल स्थापना की जाए तथा एक अलग और जवाबदेह अधिकारी की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए। जब तक यह व्यवस्था लागू नहीं होती, तब तक महिलाओं के साथ हो रहा अन्याय बंद नहीं होगा, यह उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा।
उन्होंने प्रशासन को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि यह मांग केवल कागज़ी औपचारिकता बनकर रह गई, तो वे महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से तीव्र आंदोलन छेड़ने से पीछे नहीं हटेंगे। जरूरत पड़ी तो सड़कों पर उतरकर संघर्ष किया जाएगा, ऐसा स्पष्ट संदेश भी उन्होंने दिया।
महिलाओं के अधिकारों के प्रति आंख मूंदे बैठे प्रशासन को आईना दिखाते हुए अनिल कैलास जांगळे ने साफ कर दिया है कि अब चुप्पी नहीं, बल्कि निर्णायक संघर्ष होगा। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर क्या ठोस कदम उठाता है, क्योंकि इस पर नांदुरा शहर की महिलाओं सहित पूरे शहर की नजरें टिकी हुई हैं।

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