नांदुरा शहर में जैसे ही नगर परिषद चुनावों की घोषणा हुई, राजनीतिक गलियारों में सरगर्मी बढ़ गई है। हर ओर प्रत्याशियों की चर्चा हो रही है, लेकिन एक नाम है जो जनता के बीच विश्वास और संघर्ष की पहचान बन चुका है – समाजवादी पार्टी के युवा जिला अध्यक्ष श्री आझाद पठान।
सिर्फ चुनावों के समय नहीं, बल्कि हर संघर्ष की घड़ी में आझाद पठान आम जनता के साथ खड़े दिखाई दिए हैं। उन्होंने सिर्फ भाषण नहीं, बल्कि धरातल पर आंदोलन और नेतृत्व के माध्यम से नांदुरा की जनता की आवाज़ बनकर दिखाया है। उनके कुछ महत्वपूर्ण सामाजिक योगदान:
🔴 गैबी नगर में पानी के लिए आरती मोर्चा:
जब गैबी नगर के नागरिक पीने के पानी के लिए तरस रहे थे, तब कोई नेता दिखाई नहीं दिया। लेकिन आझाद पठान ने खुद मोर्चा का नेतृत्व किया और “आरती मोर्चा” के माध्यम से प्रशासन तक आवाज़ पहुंचाई। इस शांततामय लेकिन प्रभावशाली आंदोलन ने नागरिकों की समस्या को तुरंत प्रशासन के दरवाज़े तक पहुंचाया।
🔴 बेगुनाह युवकों को झूठे केसों से बचाया:
हाल ही में नांदुरा शहर में कुछ समाजकंटकों और राजकीय नेताओं द्वारा प्रायोजित दंगों में बेगुनाह मुस्लिम युवकों को पुलिस द्वारा झूठे मामलों में फंसाने की कोशिश हुई। यह गंभीर अन्याय होते देख आझाद पठान ने तत्काल कदम उठाया – प्रशासन को निवेदन सौंपा, सबूतों सहित युवकों के पक्ष में खड़े हुए और उन्हें झूठे केसों से मुक्त करवाया।
🔴 मुस्लिम समाज पर हो रहे अन्याय के खिलाफ लगातार आंदोलन:
जब-जब मुस्लिम समाज पर अन्याय हुआ – कभी धार्मिक आधार पर, तो कभी सामाजिक भेदभाव के कारण – तब आझाद पठान ने चुप्पी साधने की बजाय, प्रशासन के समक्ष निवेदन दिए, जनआंदोलन किए और पीड़ितों को न्याय दिलाने की लड़ाई लड़ी।
इन कामों ने साबित कर दिया है कि आझाद पठान केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि संघर्षशील, न्यायप्रिय और जनता के लिए समर्पित युवा नेता हैं।
आज नांदुरा की जनता पूछ रही है –
> "जो हर वक्त हमारे साथ खड़ा रहा, वही नगराध्यक्ष क्यों न बने?"
साफ है कि आज नांदुरा शहर में एक ही चर्चा है:
> "आज़माया हुआ, लड़ाकू, युवाओं की आवाज़ – आझाद पठान ही नगराध्यक्ष!"
"समाजवादी विचार, जमीनी संघर्ष – आझाद पठान को विजयी बनाइए!"
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